चौरी चौरा क्रांति 4 फरवरी 1922
सुमन्त कुमार यादव ***जौरा*** चौरी चौरा क्रांति 4 फरवरी 1922,,,,, ठीक 100 वर्ष पूरे हो गए,इस क्रांति को हुए।अर्थात एक शताब्दी पूरी। सर्वप्रथम उन हुतात्माओं को नमन, जिन्होंने अपना सर्वस्व राष्ट्र की बलिवेदी पर अर्पित किया, अब्दुल्ला बिक्रम अहीर भगवान अहीर दुधई भर कालीचरण कहार लाल मुहम्मद लवटू कहार महादेव केवट मेघू तिवारी नजर अली रघुबीर सोनार रामलगन लोहार रामरूप बरइ रूदली केवट सहदेव कहार सम्पत चमार सम्पत अहीर श्यामसुंदर मिश्र सीताराम अहीर। इस समय तक चंपारण सँघर्ष से राष्ट्रपिता गांधी जी,महात्मा बन चुके थे। और प्रथम विश्वयुद्ध के सहउत्पाद -खिलाफत की बिना पर भारत मे असहयोग आंदोलन प्रारम्भ कर चुके थे।और देश के अलग अलग हिस्सों में सुविधानुसार बहिष्कार आंदोलन चल रहा था जैसे शराब की दुकानों पर धरना देना सरकारी नौकरियों कपड़ो,उपाधियों का त्यांग करना। गोरखपुर जिले में भी यह चल रहा था। उस समय चौरी चौरा डुमरी रियासत -डुमरी और सरैया में बटकर सिख रियासत का अंग थी । इस रियासत का निर्माण 1857 क...